यह पोस्ट उसे समर्पित है जिसनें उन्नींस साल की उमर में "वाँयस आफ इंडिया२००७"जीता था।जो अब हमारे बीच नही रहा। अपनी आवाज की बदौलत सब का प्यारा होता जा रहा था। जो अचानक एक हादसे में मौत होने के कारण अब हमारे बीच नही रहा। उसी की याद में समर्पित है यह गीत.......हाय ओ रबा! कैसा कहर कमाया।
माँ जाई दा इको पुत सी,
दुनिया दा सी प्यारा।
अपणें सुर नाल जग नूँ मोहदा,
सब तो सी ओ न्यारा।
पता नहीं लगया किस वैरी दी,
नजर ने उसनूँ खाया।
हाय ओ रबा! कैसा कहर कमाया.......
ढाईंयां मार के माँ-प्यो रोंवण,
विछोड़ा सदा दा पाया।
छोटी उमरे कितना वढा,
नां सी उसनें कमाया।
पा के प्यार नूँ तू इश्मिते ,
किथे टुर गया मेरे यारा।
हाय ओ रबा! कैसा कहर कमाया।